SIP vs FD: सिर्फ FD के भरोसे न रहें! जानिए कैसे SIP से बनेगा 3 गुना ज्यादा पैसा

SIP vs FD comparison thumbnail showing money growing in a glass jar with plant, highlighting why SIP gives higher returns than FD

आज के समय में जब हम अपने दादा-दादी या माता-पिता से निवेश की सलाह मांगते हैं, तो सबसे पहला नाम Fixed Deposit (FD) का आता है। इसमें कोई शक नहीं कि FD सुरक्षित है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 2026 की इस भागदौड़ भरी महंगाई में, FD आपके पैसे की वैल्यू को धीरे-धीरे खत्म कर रही है?

जी हां, आपने सही पढ़ा। अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सिर्फ बैंक लॉकर या FD में रखकर भूल गए हैं, तो आप शायद एक बहुत बड़ा मौका गँवा रहे हैं। 

ये लेख पढ़ने के बाद आपके मन का ये सवाल की "FD और SIP में कौन बेहतर है" बिल्कुल खत्म हो जाएगा। क्योंकि हम ने इस ब्लॉग में बिल्कुल आसान भाषा में इस उलझन का पूरा निचोड़ समझाया है।

SIP क्या है?

SIP बिल्कुल वैसे ही है जैसे 'किस्तों में महल बनाना'। आप हर महीने निवेश की एक-एक ईंट जोड़ते हैं; शुरू में लगता है कुछ नहीं हो रहा, लेकिन कुछ सालों बाद वही छोटी-छोटी ईंटें मिलकर आपके सपनों का घर खड़ा कर देती हैं।

{ पूरी जानकारी यहां पढ़ें: SIP कैसे शुरू करें और शुरू करने से पहले कौन सी 5 बातें ध्यान रखना जरूरी }

❖ ​FD क्या है?

FD (Fixed Deposit) बिल्कुल आपके घर की उस पुरानी तिजोरी की तरह है, जिसमें आप एक बार पैसा डालकर ताला लगा देते हैं। FD उनके लिए है जो बिना किसी टेंशन का निवेश चाहते हैं। आप बैंक को एकमुश्त (Lumpsum) पैसा देते हैं। यहाँ मार्केट चाहे ऊपर जाए या नीचे, आपका पैसा बैंक की गोद में सुरक्षित रहता है और एक फिक्स रफ़्तार से बढ़ता रहता है।

{ यह भी पढ़ें: 5 साल की पोस्ट ऑफस FD में कितना पैसा बनेगा }

❖ महंगाई का दीमक: कैसे ये FD में रखा आपका पैसा धीरे-धीरे खा रहा है

ज्यादातर लोग FD इसलिए करवाते हैं क्योंकि वहां गारंटी मिलती है। उदाहरण के लिए, ₹50,000 की FD पर 7% ब्याज के हिसाब से आपको ₹3,500 का मुनाफा मिलता है।

लेकिन क्या यह वाकई मुनाफा है? 

‣ भारत में महंगाई से जुड़े आंकड़े RBI और सरकारी आर्थिक रिपोर्ट्स में नियमित रूप से publish किए जाते हैं। भले ही सरकारी आंकड़ों में महंगाई दर 4-5% हो, लेकिन असल जिंदगी में खाने-पीने और लाइफस्टाइल की चीजें 6% से भी ज्यादा की रफ़्तार से महंगी हो रही हैं।

‣ ​इसे ऐसे समझें: अगर आज तेल की बोतल ₹150 की है और अगले साल वह ₹160 की हो जाती है, और मान लो आप उसी ₹150 की FD करते हैं, तो 7% ब्याज के बाद, साल के अंत में आपके पास ₹160.50 ही बनेंगे। यानी साल भर बाद आपकी जेब में सिर्फ 50 पैसे का ही फायदा हुआ। बैंक की पासबुक में अंक (Digits) तो बढ़े, लेकिन बाजार में उन पैसों की ताकत (Purchasing Power) वहीं की वहीं रह गई।

❖ SIP और कंपाउंडिंग की ताकत

‣ SIP कोई जादुई छड़ी नहीं है, बल्कि यह अनुशासन का खेल है। जब आप हर महीने एक छोटी रकम (जैसे ₹2,000 या ₹5,000) शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो आपको Rupee Cost Averaging का फायदा मिलता है।

‣ इसका मतलब है कि जब बाजार गिरता है, तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार बढ़ता है, तो आपका मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है। यही वह तरीका है जो आपकी छोटी सी बचत को भविष्य में एक बड़े कॉर्पस में बदल जाती है।

❖ क्या SIP से 3 गुना ज्यादा पैसा बन सकता है?

​चलिए, अब हवा-हवाई बातों को छोड़कर असली गणित देखते हैं। मान लेते हैं कि आप हर महीने ₹5,000 बचाते हैं और इसे अगले 20 साल के लिए निवेश करते हैं।

➤ ​पहला ऑप्शन : अगर आप सिर्फ FD चुनते हैं

‣ ​हर महीने की बचत: ₹5,000

‣ रिटर्न: 7%

‣ ​कुल निवेश (20 साल): ₹12,00,000

‣ ​20 साल बाद कुल वैल्यू: ~ ₹26,19,000

➤​ दूसरा ऑप्शन : अगर आप SIP चुनते हैं 

‣ ​हर महीने की बचत: ₹5,000

‣ औसत रिटर्न: 15%

‣ ​कुल निवेश (20 साल): ₹12,00,000

‣ ​20 साल बाद कुल वैल्यू: ~ ₹75,79,000

➤ फर्क देखिए: जहाँ FD ने आपके पैसे को मुश्किल से दोगुना किया, वहीं SIP ने उसे निवेश की तुलना में 6 गुना से भी ज्यादा और FD की तुलना में लगभग 3 गुना बढ़ा दिया।

➤​ जरा सोचिए, दोनों ही मामलों में आपकी जेब से हर महीने सिर्फ ₹5,000 ही निकले, लेकिन आपके फैसले ने ₹50 लाख का बड़ा अंतर पैदा कर दिया। इस ₹50 लाख का उपयोग आप अपने बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट या घर बनाने के लिए कर सकते हैं, जो FD में संभव नहीं था।

❖ टैक्स का खेल: जो बैंक आपको नहीं बताएगा 

FD : यहाँ सरकार हर साल आपके ब्याज पर टैक्स माँगती है। अगर आप 10% वाले स्लैब में हैं, तो ₹100 के ब्याज में से ₹10 सरकार ले जाएगी। आपको कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

​➤  SIP : यहाँ टैक्स सिर्फ तब देना है जब आप पैसा निकालोगे। सबसे बड़ी बात—हर साल ₹1.25 लाख तक का मुनाफा बिल्कुल टैक्स-फ्री है। यानी अगर आपने 5 साल बाद पैसा निकाला और आपका मुनाफा ₹1.24 लाख है, तो आपको सरकार को ₹1 भी नहीं देना।

• कुल मिलाकर बात यह है कि FD में टैक्स आपकी जेब हर साल काटता है, जबकि SIP में सरकार आपको ₹1.25 लाख तक की खुली छूट देती है। यानी SIP न सिर्फ वेल्थ बनाती है, बल्कि टैक्स भी बचाती है।

SIP और FD का Comparison 

फीचर (Feature) SIP (म्यूचुअल फंड) FD (बैंक)
निवेश का तरीका हर महीने थोड़ा-थोड़ा (Monthly) एक साथ मोटा पैसा (Lumpsum)
रिटर्न (Returns) 12% से 15% (अनुमानित) 6% से 8% (फिक्स)
जोखिम (Risk) बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर बिल्कुल सुरक्षित (गारंटीड)
टैक्स (Tax) ₹1.25 लाख तक का मुनाफा फ्री आपकी इनकम के हिसाब से टैक्स
पैसे निकालना कभी भी निकाल सकते हैं (Flexible) समय से पहले निकालने पर पेनल्टी
महंगाई (Inflation) महंगाई को मात देने में माहिर महंगाई के सामने अक्सर कमज़ोर

क्या SIP में रिस्क है? 

अक्सर लोग डरते हैं कि "शेयर बाजार डूब गया तो?देखिए, जब आप म्यूचुअल फंड में SIP करते हैं, तो आपका पैसा किसी एक कंपनी में नहीं, बल्कि देश की टॉप 50 या 100 कंपनियों (जैसे Reliance, HDFC, TCS) में लगता है। क्या आपको लगता है कि भारत की पूरी अर्थव्यवस्था एक साथ डूब जाएगी? 2026 में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की राह पर है। शेयर बाजार ने पिछले 40 सालों में हर बड़े संकट (जैसे 2008 की मंदी या 2020 का कोविड) के बाद शानदार वापसी की है। ऐसे में विकास का फायदा उठाने का सबसे सुरक्षित रास्ता SIP ही है।

❖ तो क्या FD कभी नहीं करनी चाहिए?

हम यह नहीं कह रहे कि FD खराब है। सारी FD बंद करके SIP में कूद जाना भी समझदारी नहीं है। निवेश हमेशा आपके लक्ष्य पर निर्भर करना चाहिए:

FD कब चुनें? अगर आपको 1-3 साल में पैसे चाहिए जैसे घर की मरम्मत या शादी के खर्च के लिए, या आप एक सीनियर सिटीजन हैं जिन्हें हर महीने निश्चित आय (fixed income) चाहिए।

SIP कब चुनें? अगर आपका लक्ष्य 5 साल से ज्यादा का है, जैसे बच्चों की पढ़ाई, अपना घर बनाना, या रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना।

निवेश का सही मंत्र अपना ज़्यादातर पैसा (करीब 70-80%) SIP में लगाएँ ताकि आपका पैसा तेज़ी से बढ़ता रहे। लेकिन कम से कम 20% पैसा हमेशा FD या सेविंग्स अकाउंट में रखें, ताकि मुसीबत के समय या किसी इमरजेंसी में आपको हाथ न फैलाना पड़े।

❖ आखिरी राय 

अगर आपको अपनी रातों की नींद प्यारी है और आप किसी भी तरह का उतार-चढ़ाव नहीं देखना चाहते, तो FD आपके लिए है। लेकिन अगर आप अपनी बड़ी संपत्ति बनाना चाहते हैं और महंगाई के पछाड़ के अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं, तो SIP से बेहतर कोई रास्ता नहीं है।

याद रखिये, सबसे बड़ा रिस्क कोई भी रिस्क न लेना है। आज की एक छोटी सी बचत, आपके कल की बड़ी आज़ादी बन सकती है।

❖ लेखक के बारे में:

पैसे से पैसा बनाना एक कला है, और मैं इसी कला को खुद अपनी investment journey के ज़रिए सीख रहा हूँ। इसके साथ मैं Job भी करता हूं और अपनी Salary का कुछ हिस्सा SIP, Smallcase, Digital Gold और Crypto जैसे assets में निवेश करता हूँ। मेरा मानना है कि सही जानकारी और धैर्य (Patience) के साथ कोई भी आम आदमी लंबी अवधि में बड़ी wealth खड़ी बना सकता है।

❖ Disclaimer 

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और education के purpose से लिखा गया है। किसी भी निवेश से पहले अपनी रिस्क प्रोफाइल समझें और आवश्यकता हो तो किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

F A Q's

FD और SIP में लंबे समय के लिए कौन सा बेहतर है?

अगर आपका निवेश लक्ष्य 5 साल से ज्यादा का है, तो SIP आमतौर पर FD से बेहतर मानी जाती है। कारण यह है कि SIP equity market से जुड़ी होती है, जहाँ लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। वहीं FD सुरक्षित तो होती है, लेकिन अक्सर महंगाई को पूरी तरह beat नहीं कर पाती। इसलिए long-term wealth creation के लिए SIP ज्यादा effective रहती है।

FD पर कितना ब्याज मिलता है?

FD पर मिलने वाला ब्याज बैंक, अवधि और समय के अनुसार बदलता रहता है। आमतौर पर 2026 के आसपास FD पर 6% से 8% के बीच ब्याज देखने को मिलता है। सीनियर सिटीज़न को इसमें थोड़ा ज्यादा ब्याज मिल सकता है। निवेश से पहले हमेशा current FD rates चेक करना जरूरी होता है।

क्या SIP में FD से ज्यादा रिस्क होता है?

हाँ, SIP में FD की तुलना में जोखिम ज्यादा होता है क्योंकि SIP market-linked होती है। लेकिन यह जोखिम short-term के लिए ज्यादा और long-term में कम हो जाता है। SIP में पैसा अलग-अलग कंपनियों में invest होता है, जिससे risk diversify हो जाता है।

क्या SIP में पैसे डूब सकते हैं?

SIP में short-term में नुकसान संभव है, खासकर जब बाजार गिरता है। लेकिन long-term (10–15 साल) में diversified mutual funds ने historically recovery दिखाई है। पूरा पैसा एक साथ डूबने जैसा जोखिम SIP में नहीं होता।

₹5,000 की SIP और ₹5,000 की FD में से किसमें ज्यादा मुनाफा होगा?

लंबे समय में ₹5,000 की SIP आमतौर पर ₹5,000 की FD से ज्यादा रिटर्न दे सकती है। SIP कंपाउंडिंग की वजह से कई गुना बढ़ सकती है, जबकि FD सीमित ब्याज दर पर ही बढ़ती है।

क्या मैं SIP से कभी भी पैसे निकाल सकता हूँ?

अधिकतर open-ended mutual funds में SIP से पैसा कभी भी निकाला जा सकता है। कुछ फंड्स में short-term exit load लग सकता है, लेकिन FD जैसी लंबी lock-in पेनल्टी नहीं होती।

FD का क्या मतलब होता है?

FD का मतलब Fixed Deposit होता है। इसमें आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक तय रकम एक निश्चित समय के लिए जमा करते हैं और उस पर तय ब्याज मिलता है।

FD कितने साल में Double होती है?

FD को double होने में कितना समय लगेगा, यह ब्याज दर पर निर्भर करता है। 6–7% ब्याज दर पर FD को दोगुना होने में लगभग 10–12 साल लग सकते हैं। इसे समझने के लिए Rule of 72 का इस्तेमाल किया जाता है।

FD और SIP पर कितना टैक्स लगता है?

FD पर ब्याज हर साल income tax slab के हिसाब से taxable होता है। SIP में टैक्स सिर्फ पैसे निकालते समय लगता है और long-term capital gain पर ₹1.25 लाख तक टैक्स नहीं लगता।

कम समय (1–2 साल) के लिए निवेश करना हो तो क्या चुनें?

अगर निवेश अवधि 1–2 साल की है और पैसा तय समय पर चाहिए, तो FD ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। SIP short-term में market risk की वजह से नुकसान दिखा सकती है।

1 साल की FD पर कितना ब्याज मिलता है?

1 साल की FD पर ब्याज बैंक और समय के अनुसार अलग-अलग होता है। आमतौर पर यह 6% से 7.5% के बीच हो सकता है।

सबसे अच्छी FD कौन सी है?

सबसे अच्छी FD व्यक्ति की जरूरत और लक्ष्य पर निर्भर करती है। FD चुनते समय बैंक की सुरक्षा, ब्याज दर, अवधि और liquidity जैसे factors जरूर देखें।

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