❖ क्या है SBI Smart Scholar Plus?
इसे सिर्फ एक सरकारी बचत योजना समझने की गलती न करें। यह एक ULIP (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपका पैसा शेयर बाजार की रफ्तार से बढ़ेगा भी और साथ ही आपके परिवार को एक सुरक्षा कवच (Life Insurance) भी मिलेगा।
यह प्लान उन माता-पिता के लिए है जो बैंक की मामूली FD से ऊब चुके हैं और अपने बच्चे के लिए कुछ बड़ा करना चाहते हैं।
❖ SBI Child Plan के दो खास फीचर
➤ Feature 1 — Premium Payor Waiver Benefit
► एक उदाहरण से समझिए: मान लीजिए राहुल और सुमित दोनों ने अपने बच्चों के लिए ₹4000 की SIP शुरू की। 5 साल बाद भगवान न करे राहुल के साथ कोई अनहोनी हो गई। राहुल की म्यूचुअल फंड वाली SIP उसी दिन बंद हो जाएगी और उसके परिवार को सिर्फ उतना ही पैसा मिलेगा जो 5 साल में जमा हुआ।
लेकिन सुमित ने SBI Smart Scholar Plus लिया था। सुमित के न रहने पर SBI ने सुमित के परिवार से एक भी रुपया नहीं माँगा। कंपनी ने सुमित की तरफ से बची हुई सारी किस्तें खुद भरीं। जब सुमित का बच्चा 18 साल का हुआ, तो उसे पूरे ₹30 लाख मिले। इस तरह SBI Child plan आपके न रहने पर भी बच्चे के सपनों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने देता
➤ Feature 2 : लाइफ कवर (Sum Assured) — जैसे ही आप पहली किस्त भरते हैं, आपका लाइफ कवर शुरू हो जाता है। यह आपके सालाना प्रीमियम का कम से कम 10 गुना होता है।
► उदाहरण: अगर आप साल के ₹48,000 जमा कर रहे हैं, तो आपका ₹4.80 लाख का बीमा कवर तुरंत शुरू हो जाएगा। अगर पॉलिसी के दौरान माता-पिता के साथ कोई अनहोनी होती है, तो यह पैसा परिवार को तुरंत एकमुश्त (Lumpsum) मिल जाता है ताकि उस मुश्किल घड़ी में घर का खर्च चल सके।
❖ महंगाई की मार से बच्चे के सपनों को बचाएं
आज जो मेडिकल या इंजीनियरिंग की पढ़ाई ₹10 लाख में हो रही है, 18 साल बाद वही पढ़ाई ₹20-25 लाख की होगी। अगर आप पुराने तरीकों से पैसा निवेश कर रहे हैं जहां मुश्किल से 6-7% रिटर्न मिल पाता है, तो आप पीछे रह जाएंगे। "स्मार्ट स्कॉलर प्लस" आपको बाजार की बढ़त का फायदा देता है क्योंकि अगर पढ़ाई का खर्च बढ़ रहा है, तो पैसे को भी उससे तेज़ बढ़ाना पड़ेगा — ये प्लान इसी सोच पर काम करता है।
❖ वफादारी का इनाम (Loyalty Bonus)
यह इस प्लान की एक ऐसी खूबी है जिसे अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। SBI उन लोगों को एक्स्ट्रा बोनस (Units) देता है जो अपनी पॉलिसी को लंबे समय तक चालू रखते हैं। यह आपके द्वारा जमा किए गए पैसे के अलावा कंपनी की तरफ से एक तोहफा होता है, जो अंत में आपके ₹30 लाख के लक्ष्य को पाने में मदद करता है।
➤ कब और कितना मिलता है Bonus ?
►कब मिलेगा?
यह बोनस पॉलिसी के 10वें साल से मिलना शुरू होता है। इसके बाद, जब तक आपकी पॉलिसी चलती है (मैच्योरिटी तक), यह हर 5 साल के अंतराल पर आपके फंड में जोड़ा जाता है (जैसे 10वें साल, 15वें साल और फिर 20वें साल)।
►कितना मिलेगा?
यह आपके पिछले 12 महीनों के 'औसत फंड वैल्यू' (Average Fund Value) का एक निश्चित प्रतिशत होता है। आमतौर पर यह 1% से 1.5% के बीच होता है।
• उदाहरण: अगर 10वें साल में आपका औसत फंड ₹5 लाख का है, तो कंपनी लगभग ₹5,000 से ₹7,500 के अतिरिक्त यूनिट्स आपके खाते में फ्री में डाल देगी।
❖ फंड चुनने की पूरी आज़ादी
इस प्लान में आपको 10 अलग-अलग तरह के फंड मिलते हैं। आप तय कर सकते हैं कि आपका पैसा शेयर मार्केट (Equity) में लगे या सुरक्षित सरकारी बॉन्ड्स (Debt) में।
➤ मेरी सलाह: शुरुआती 12 साल Equity Fund में निवेश करें और आखिरी के 3-4 साल पैसे को Bond Fund में शिफ्ट कर दें। बॉन्ड फंड सरकारी और सुरक्षित जगहों पर पैसा लगाते हैं जहाँ मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर नहीं होता। इससे मैच्योरिटी से ठीक पहले अगर मार्केट गिर भी जाए, तो आपके ₹30 लाख सुरक्षित रहेंगे क्योंकि आपका मुनाफा पहले ही सुरक्षित फंड में जा चुका होगा।
❖ ₹4000/महीना की बचत पर कितना बनेगा पैसा
| समय (साल) | मासिक बचत | रिटर्न (%) | कुल निवेश | मैच्योरिटी |
|---|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹4,000 | 12% | ₹4.80 लाख | ~₹9.29 लाख |
| 15 साल | ₹4,000 | 12% | ₹7.20 लाख | ~₹20.18 लाख |
| 18 साल | ₹4,000 | 12% | ₹8.64 लाख | ~₹30.51 लाख |
Smart Scholar Plus में निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। साथ ही, मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा धारा 10(10D) और कुछ छोटी-मोटी शर्तों के साथ पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। यानी जो पैसा आप टैक्स में सरकार को देने वाले थे, उसी पैसे से अब आप अपने बच्चे की कॉलेज फीस भर सकते हो।
❖ SBI Child Plan के फायदे और कमियां (Pros & Cons)
➤ Pros (फायदे):
1. Life Cover + Investment combo: इसमें आपको बीमा और निवेश दोनों का फायदा एक साथ मिलता है।
2. Premium Waiver Benefit: माता पिता के न रहने पर किस्तें माफ़ हो जाती हैं और निवेश जारी रहता है।
3. Tax Benefit: 80C और 10(10D) के तहत टैक्स की बचत।
4. Fund Switch Option: आप अपनी मर्ज़ी से अपना पैसा अलग-अलग फंड्स में बदल सकते हैं। इस प्लान में आपको 10 अलग-अलग फंड्स (जैसे Equity, Bond, Balanced, और Money Market) के विकल्प मिलते हैं।
➤ Cons (कमियां):
1. Lock-in Period: इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, यानी आप उससे पहले पैसा नहीं निकाल सकते।
अगर आप इससे पहले पॉलिसी बंद करते हैं, तो आपका लाइफ कवर खत्म हो जाएगा और जमा पैसा 4% ब्याज के साथ 5 साल पूरे होने पर ही मिलेगा। आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा भी 6वें साल से ही शुरू होती है।
2. Market Risk: चूंकि यह शेयर बाज़ार से जुड़ा है, इसलिए इसमें Market Volatility (उतार-चढ़ाव) का रिस्क रहता है।
3. ULIP Charges (शुल्क) : आपके प्रीमियम में से Premium Allocation Charges (शुरुआती खर्च), Mortality Charges (बीमा का खर्च) और फंड मैनेजमेंट फीस काटी जाती है। जिससे शुरुआती सालों में फंड थोड़ा धीरे बढ़ता है।
4. शिक्षा की महंगाई दर (Inflation): भारत सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, आधिकारिक शिक्षा मुद्रास्फीति दर आमतौर पर 3% से 7% के बीच रही है। लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। शहरों में रहने वाले परिवारों के लिए, निजी स्कूलों की फीस और कोचिंग का खर्च सालाना 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ रहा है।
❖ क्या SBI के प्लान में निवेश सुरक्षित है?
SBI Life भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में से एक है। चूँकि यह IRDAI के कड़े नियमों के अंदर काम करती है, इसलिए आपकी पूंजी की सुरक्षा की गारंटी बढ़ जाती है। हालाँकि शेयर बाजार का रिस्क रहता है, लेकिन 18 साल जैसे लंबे समय में यह रिस्क बहुत कम हो जाता है।
❖ निवेश से पहले जानना जरूरी
➤ आपका पैसा कहाँ लगेगा? (Fund Allocation): आप अपनी पसंद और Risk Profile के हिसाब से तय कर सकते हैं कि आपका पैसा सुरक्षित बॉन्ड में लगेगा या हाई-रिटर्न वाले शेयर बाज़ार में। आपके निवेश की वैल्यू NAV (नेट एसेट वैल्यू) के आधार पर तय होती है।
➤ नेट एसेट वैल्यू (NAV): जैसे सोने और चांदी का भाव हर दिन बदलता है, वैसे ही आपके निवेश की कीमत NAV से तय होती है। जब बाज़ार ऊपर जाता है, तो आपकी NAV बढ़ती है और आपका फंड ₹30 लाख के लक्ष्य की ओर तेज़ी से भागता है। आप SBI Life की वेबसाइट पर रोज़ाना अपनी NAV चेक कर सकते हैं।
➤ आंशिक निकासी (Partial Withdrawal): SBI Smart scholar plan में 5 साल खत्म होने के बाद (यानी छठे साल से) आप अपने फंड का कुछ हिस्सा निकाल सकते हैं। यह सुविधा तब बहुत काम आती है जब बच्चे की स्कूल ट्रिप या किसी अचानक आए खर्च के लिए आपको थोड़े पैसों की ज़रूरत हो।
➤ फंड में बदलाव (Rebalancing): इस प्लान में 'Auto Rebalancing' का विकल्प नहीं है, लेकिन आपको खुद फंड बदलने (Manual Switching) की पूरी आजादी मिलती है। आप बाजार की स्थिति को देखते हुए अपने पैसे को खुद सुरक्षित (Debt) या रिस्की (Equity) फंड्स के बीच ट्रांसफर कर सकते हैं। साल में 2 स्विच बिल्कुल फ्री मिलते हैं, जिससे आप अपने पोर्टफोलियो को खुद बैलेंस कर सकते हैं।
► यह काम कैसे करता है? (एक आसान उदाहरण)
• मान लीजिए आपने तय किया कि आपका 50% पैसा शेयर बाजार (Equity) में रहेगा और 50% सुरक्षित फंड (Debt) में।
• अगर बाजार बढ़ा: शेयर बाजार में तेजी आई और आपका Equity वाला हिस्सा बढ़कर 60% हो गया।
• जब Equity हिस्सा 60% हो जाए, तो समझिए action लेने का समय है।
• SBI Life के app या वेबसाइट पर लॉगिन करें और अतिरिक्त 10% राशि को Equity से निकालकर Debt फंड में ट्रांसफर कर दीजिए (साल में 2 स्विच फ्री मिलते हैं)।
• नतीजा: आपका अनुपात फिर से 50:50 हो जाएगा और आपका पोर्टफोलियो आपके तय किए गए लक्ष्य के अनुसार संतुलित रहेगा।
❖ Eligibility : कौन ले सकता है यह प्लान
| श्रेणी (Category) | प्रवेश आयु (Entry Age) | अधिकतम सीमा (Limit) |
|---|---|---|
| प्रस्तावक (Parent) | 18 वर्ष (न्यूनतम) | 57 वर्ष (अधिकतम) |
| लाभार्थी (Child) | 0 वर्ष (न्यूनतम) | 17 वर्ष (अधिकतम) |
➤ मुख्य शर्तें (Quick Rules):
► मैच्योरिटी डेडलाइन: जब पॉलिसी खत्म हो, तब माता-पिता की उम्र 65 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
►समय सीमा (Term): आप अपनी सुविधा के अनुसार 8 से 25 साल तक की अवधि चुन सकते हैं।
►लक्ष्य: यह प्लान इस तरह डिजाइन है कि बच्चे की उम्र मैच्योरिटी के समय 18 से 25 वर्ष के बीच रहे (ताकि उच्च शिक्षा में पैसा काम आए)।
❖ पैसे की कटौती (Total Charges)
➤ Premium Allocation Charge (शुरुआती कटौती)
► पहले साल आपके प्रीमियम का 6% निवेश से पहले ही कट जाता है।
► दूसरे से पाँचवें साल तक यह कटौती 4.5% रहती है।आधिकारिक ब्रोशर के अनुसार, 11वें साल से यह चार्ज 0% (NIL) हो जाता है।
► मतलब अगर आप ₹4000 महीने जमा कर रहे हैं, तो पहले साल हर महीने लगभग ₹240 सीधे कट जाएंगे और बाकी पैसा ही निवेश होगा। इसलिए शुरुआती सालों में ग्रोथ थोड़ी धीमी दिख सकती है।
➤ Fund Management Charge (FMC): यह वह फीस है जो आपके फंड को मैनेज करने के लिए हर साल ली जाती है।
► Equity Fund पर 1.35% सालाना
► Bond Fund पर 1.00% सालाना
► यह रकम सीधे आपके फंड की वैल्यू से काटी जाती है।
• तुलना करें तो कई डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स में यही खर्च लगभग 0.50%–0.75% के आसपास होता है। यानी यहाँ मैनेजमेंट फीस थोड़ी ज्यादा है।
➤ Mortality Charges (बीमा का खर्च)
क्योंकि यह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि बीमा + निवेश का कॉम्बो है, इसलिए इसमें लाइफ कवर का अलग खर्च भी शामिल होता है। यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, यह चार्ज भी बढ़ सकता है।अगर आपकी उम्र 35 साल से ज्यादा है, तो आने वाले सालों में यह धीरे-धीरे आपके फंड वैल्यू पर असर डाल सकता है। यह कटौती हर साल आपके निवेश से की जाती है।
➤ Discontinuation Charge (बीच में छोड़ने की कीमत)
► अगर आप इस प्लान को 5 साल पूरे होने से पहले बंद करना चाहते हैं, तो आपको शुल्क देना पड़ सकता है। पहले 4 साल में बाहर निकलने पर लगभग ₹2,000 से ₹6,000 तक कट सकते हैं।
► 5 साल पूरे होने के बाद यह चार्ज NIL (शून्य) हो जाता है। बात साफ की यह प्लान short-term के लिए नहीं लॉन्ग टर्म के निवेश की सोच से बनाया गया है।
• शुल्क और फीचर्स की जानकारी SBI Life Insurance के आधिकारिक Smart Scholar Plus ब्रोशर (2026) पर आधारित है।
🔗 पॉलिसी की विस्तृत शर्तें, जोखिम विवरण और नवीनतम अपडेट के लिए SBI की आधिकारिक वेबसाइट अवश्य देखें: SBI Life Official Website Link
❖ निष्कर्ष
₹4000 आज के समय में शायद एक परिवार के बाहर डिनर करने के खर्च के बराबर है। लेकिन अगर आप इस खर्च में थोड़ी कटौती करके SBI स्मार्ट स्कॉलर प्लस scheme में लगाते हैं, तो आप अपने बच्चे को 18 साल की उम्र में अपनी पसंद का करियर चुनने की आज़ादी दे सकते हैं।
❖ लेखक के बारे में:
पैसे से पैसा बनाना एक कला है, और मैं इसी कला को अपनी व्यक्तिगत investment journey के माध्यम से सीख और समझ रहा हूँ। मैं एक working professional हूँ और अपनी आय का एक हिस्सा SIP, Smallcase, Digital Gold और Crypto जैसे विभिन्न assets में दीर्घकालिक निवेश करता हूँ।
इस ब्लॉग का उद्देश्य जटिल वित्तीय विषयों को आसान भाषा में समझाना है, ताकि आम लोग भी सही जानकारी और धैर्य (Patience) के साथ लंबी अवधि में अपनी wealth बना सकें। यहाँ साझा की गई जानकारी मेरे अध्ययन, अनुभव और रिसर्च पर आधारित है।
❖ Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और education के purpose से लिखा गया है। यह कोई वित्तीय/बीमा सलाह नहीं है। निवेश से पहले SBI Life की ऑफिशियल वेबसाइट जरूर देखें और विशेषज्ञ से सलाह लें।

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